पटना : विवि कर्मियों के वेतन और पेंशन का भुगतान जल्द करें सरकार : राजेश राठौड़ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 10 जून 2026

पटना : विवि कर्मियों के वेतन और पेंशन का भुगतान जल्द करें सरकार : राजेश राठौड़

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पटना, 10 जून (रजनीश के झा) । बिहार के 13 विश्वविद्यालयों के पचास हजार से अधिक शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों एवं लगभग इतने ही पेंशनधारकों का मार्च से बकाया वेतन एवं पेंशन वर्तमान सरकार रोक कर रखी है, उस राशि का अविलंब भुगतान राज्य सरकार करें ताकि उनके जीविकोपार्जन पर संकट ना आएं, ये बातें बिहार कांग्रेस के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने कही है। बिहार कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि इस सरकार की नियत सही नहीं है और इसीलिए जब शिक्षा मंत्री रोज विभाग में सुधार के लिए नए नए घोषणा और दायित्व शिक्षकों और कर्मियों को सौंपे जा रहे हैं तो उन्हें उनके आजीविका का भी ध्यान रखने की जिम्मेदारी है। सरकार खाली खजाना के साथ लोकलुभावन घोषणाओं से इतर हटकर हर साल होने वाले वेतन पेंशन तंगी के समस्या का निदान उचित नियमावली बनाकर सुधारे।


प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि अजीब विडम्बना है कि जब से बिहार में नया जनमत आया है तब से एनडीए शासन, मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल बनाने में ही पूरा जोर दे रहा है। जबकि शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मियों और रिटायर्ड पेंशनर्स मार्च से लंबित वेतन व पेंशन के कारण अपने बच्चों के स्कूल कॉलेज के फ़ी देने में और  शादी विवाह तय तिथि में करने में असमर्थ है। बहुत से कर्मियों को तो गर्मी के छुट्टी में घूमने फिरने का प्लान तक छोड़ना पड़ रहा है क्योंकि एनडीए सरकार अपनी कार्यशैली पिछले 20 वर्षों से  सुधार नहीं रही है। सबसे बड़ी विडम्बना तो लोन और पीएफ को लेकर है जिसमें शिक्षकों और कर्मियों का बैंक ईएमआई का ससमय भुगतान नहीं होने पर सिविल तो खराब करेंगे ही साथ उनके रिटायरमेंट के वक्त भी पीएफ एकाउंट में गड़बड़ी होगी। सबसे बुरी स्थिति उन शिक्षकों और कर्मियों को है जो लोन लिए हैं, उनको पेनाल्टी के साथ लोन की अदायगी करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि जबतक शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों का हालात नहीं सुधरेगा, तब तक बिहार में शिक्षा की हालत में सुधार नहीं आ सकता। इसलिए एनडीए सरकार के मुखिया सम्राट चौधरी, दोनों शिक्षा मंत्रियों को अविलंब इस ओर कदम बढ़ाना चाहिए कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मियों के साथ पेंशनर्स के आत्मसम्मान को ठेस न पहुँचें और अविलंब उनका लंबित वेतन व पेंशन भुगतान सुनिश्चित हो।

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